Latest Press Release प्रेस विज्ञप्ति

ग्रामीण युवकों के लिये “फसल सलाह एवं कृषि विपणन“ विषय पर दस-दिवसीय प्रशिक्षण (सर्टिफिकेट कोर्स) का शुभारंभ

DSCN5176


रायपुर। दिनांक 15.02.2017। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के निदेशालय विस्तार सेवायें रायपुर एवं टाटा रैलीज लिमिटेड, मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 13 फरवरी, 2017 को छत्तीसगढ़ राज्य के ग्रामीण युवकों के लिये 10-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम (फसल सलाह एवं कृषि विपणन) का शुभारंभ कृषि महाविद्यालय, रायपुर के सभागार में किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय कुलपति इं.गां.कृ.वि., रायपुर डॉ. एस.के. पाटील, अध्यक्ष डॉ. एम.पी. ठाकुर, निदेशक विस्तार सेवायें एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. बी.बी. सिंह, सहायक महानिदेशक ऑइलसीड्स आईसीएआर, नई दिल्ली, डॉ. जे.एस. उरकुरकर, संचालक अनुसंधान सेवायें, डॉ. एस.एस. राव, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय एवं डॉ. संजीव गुप्ता, एक्रीप मोलार्प आईआईपीआर., कानपुर के प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर उपस्थित थे।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि माननीय कुलपति इं.गां.कृ.वि. ने कहा कि यह बहुत प्रभावी कार्यक्रम है उन्होंने रैलीज इंडिया लिमिटेड को धन्यवाद दिया कि उन्होंने विश्वविद्यालय के साथ मिलकर यह कार्यक्रम संचालित किया उन्होंने कहा कि आगे के कार्यक्रमों में 27 जिलों से प्रतिभागियों को सम्मिलित किया जाए। डॉ. एम.पी. ठाकुर, निदेशक विस्तार सेवायें ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि इस कोर्स हेतु 25 प्रशिक्षणार्थियों का चयन रैलीज इंडिया लिमिटेड, मुंबई द्वारा किया गया है। इस प्रशिक्षण में कृषि, कृषि उत्पादकता, फसल सलाह एवं कृषि विपणन कौशल, पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा इत्यादि विषयों पर सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक जानकारी दी जायेगी। इसकी अवधि एक वर्ष की है, जिसमें प्रत्येक तिमाही में 10 दिन की कक्षा “क्लास रूम टीचिंग“ प्रशिक्षणार्थियों को दी जायेगी। इस प्रकार एक वर्ष में कुल 40 दिनों का प्रशिक्षण इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा दिया जायेगा। शेष प्रायोगिक प्रशिक्षण रैलीज इंडिया लिमिटेड, मुंबई द्वारा प्रदान किया जायेगा। प्रशिक्षण उपरान्त सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले दक्ष प्रशिक्षणार्थियों को रैलीज इंडिया लिमिटेड, मुंबई द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को दो वर्ष तक रोजगार के अवसर दिये जायेंगे। अन्य दूसरे दक्ष प्रशिक्षणार्थियों भी सक्षम बनकर अपने जीवन में कृषि से संबंधित रोजगार के अवसर तलाश कर पायेंगे। इस अवसर पर डॉ. बी.बी. सिंह, सहायक महानिदेशक ऑइलसीड्स आईसीएआर, नई दिल्ली ने कहा कि देश इस समय नई-नई चुनौतियों का सामना कृषि के क्षेत्र में कर रहा है ऐसे समय में विस्तार कार्यकर्ताओं का बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहता हैै। उन्होंने कहा कि फसल के भरपूर उत्पादन के पश्चात् उनका प्रसंस्करण विपणन किसानों की प्रमुख समस्या है इसके लिए प्राइवेट सेक्टर को आगे आकर महत्वपूर्ण योगदान देना होगा। कार्यक्रम के प्रारंभ में श्री प्रभात विश्वास, मैनेजर एनजीपी ने समस्त स्वागत उद्बोधन दिया। टाटा रैलीज के क्षेत्रीय विक्रय प्रबंधक श्री दीपक निर्वाण ने टाटा रैलीज के उद्देश्यों से अवगत कराया, एरिया सेल्स मैनेजर श्री अरूप कुमार बातब्याल ने टाटा रैलीज एग्री इनपुट टेªनिंग स्कीम पर अपने विचार व्यक्त किये।

इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय, रायपुर के विभागाध्यक्ष, प्रमुख वैज्ञानिकगण, निदेशालय विस्तार सेवायें के डॉ. के.के. श्रीवास्तव, डॉ. एस.एस. टुटेजा, डॉ. पूजा गुप्ता, डॉ. ज्योति भट्ट एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे। इस कार्यक्रम का संचालन डॉ. दीप्ती झा, द्वारा किया गया एवं कार्यक्रम की कार्डिनेटर डॉ. नीता खरे ने धन्यवाद ज्ञापित किया।



(डाॅ. के.के. साहू)
सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी

इंटर जोनल (यूनिवर्सिटी लेवल) स्पोर्ट्स एण्ड गेम्स मीट - 2017 सम्पन्न

DSCN5176


रायपुर। दिनांक 10.02.2017। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा इंटर जोनल (यूनिवर्सिटी लेवल) स्पोटर््स एण्ड गेम्स मीट-2017 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ दिनांक 07 से 10 फरवरी 2017 को कृषि महाविद्यालय, रायपुर के स्पोर्ट्स ग्राऊड में किया गया। मीट का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि माननीय श्री बृजमोहन अग्रवाल मंत्री कृषि, पशुधन विकास, मत्स्य पालन, छ.ग. शासन थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय डॉ. एस.के. पाटील, कुलपति इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने की एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में माननीय श्री संजय श्रीवास्तव, अध्यक्ष, रायपुर विकास प्राधिकरण, माननीय श्री प्रफुल्ल अकांत, अखिल भारतीय जनजातिय छात्र कार्य प्रमुख व क्षेत्रीय संगठन मंत्री, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् तथा माननीय श्री संदीप शर्मा, अन्तर्राष्ट्रीय रेफरी एवं कोच शरीर सौष्ठव उपस्थित थे।

माननीय कुलपति डॉ. एस.के. पाटील इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के नवनिर्वाचित छात्र संघ के पदाधिकरीयों को शपथ ग्रहण कराया। विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष निधि वर्मा, सचिव विपिन प्रकाश भगत, उपाध्यक्ष सौरभ जंघेल, सह-सचिव शुभम राव के शपथ लिया गया।

मुख्य अतिथि श्री बृजमोहन अग्रवाल एवं अन्य अतिथियों द्वारा खेल-कूद प्रतियोगिता में सफल छात्र-छात्राओं को पुरस्कार एवं पदक वितरित किये गये। इस इंटर जोनल (यूनिवर्सिटी लेवल) स्पोटर््स एण्ड गेम्स मीट-2017 के ओव्हरऑल चेम्पीयन मे विजेता ईस्ट जोन 17 गोल्ड मेडल के साथ रहे। ओव्हरऑल चेम्पीयन रनरअप नौर्थ जोन रहे। बेस्ट एथेलिट्स पुरूष ओम नेताम 4 गोल्ड मेडल के साथ रहे एवं बेस्ट एथेलिट्स महिला रूपा देवी 4 गोल्ड मेडल के साथ रही। इस प्रतियोगिता के माध्यम से विश्वविद्यालय टीम हेतु 40 छात्र-छात्राओं का चयन किया गया। जो विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि के रूप में देश के विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे।

मुख्य अतिथि माननीय श्री बृजमोहन अग्रवाल जी ने कहा कि सुविधा के अभाव में ही कार्य संपादित करते हुए सफलता प्राप्त करना ही मानव जीवन का सही सफलता है। उन्होने छात्र संघ के निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकमना दी की वे सफल विद्यार्थी एवं कुशल लीडर बने। उन्होने विद्यार्थियों का आव्हान किया की प्रत्येक विद्यार्थी यदि 10 किसानों को उन्नत कृषि तकनीकी का ज्ञान देते हुए उसे सफल कृषक बनाये तो यह उनके लिए कए गौरव का विषय होगा। साथ ही उन्होने बताया कि हम सभी का कर्तव्य है कि राज्य एवं देश के जीडीपी को बड़ाने में कृषि के क्षेत्र में अपना उल्लेखनीय योगदान दंे। इस अवसर पर माननीय श्री प्रफुल्ल अकांत जी ने भी छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन दीप्ति झा एवं धन्यवाद प्रस्ताव डॉ. ओ.पी. कश्यप, अधिष्ठाता छात्र कल्यांण द्वारा रखा गया।


(डाॅ. के.के. साहू)
सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी

टेक्नोलॉजी एण्ड मशीनरी डिमास्ट्रेशन मेला-2017 सम्पन्न

DSCN5176


रायपुर। दिनांक 10.02.2017। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत संचालित प्रौद्योगिकी स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, रायपुर के एग्रीकल्चर प्रोसेसिंग एण्ड फूड इंजिनियरिंग डिपार्टमेंट ऑफ फार्म मशीनरी एण्ड पावर इंजिनियरिंग विभाग द्वारा ‘‘टेक्नोलॉजी एण्ड मशीनरी डिमास्टेªेशन मेला-2017’’ का अयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन आज दिनांक 10 फरवरी 2017 को दोपहर 12ः00 बजे इंस्ट्रकशन फार्म थ्रेसिंग फ्लोर (समेती से सामन) इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के माननीय कुलपति डॉ. एस.के. पाटील के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में डॉ. जे.एस. उरकुरकर, संचालक अनुसंधान एवं डॉ. एम.पी. ठाकुर, निदेशक विस्तार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. एस.के. पाटील ने कहा कि मशीनीकरण से खेती के विभिन्न कर्यों में काफी सहुलियत होती है एवं मानव श्रम की बचत होती है। साथ ही साथ कृषि कार्य को सही समय में सम्पन्न किया जाना सम्भव हो पाता है। इस मेला में कृषि के विभिन्न कार्यों के लिए एवं फसलवार उपयुक्त आधुनिक कृषि उपकरणों का प्रदर्शनी लगया गया है। कृषक भाई इसका लाभ लेकर अपने कृषि उत्पादन लागत में कमी करते हुए अधिक से अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होने उदाहरण स्वरूप कहा कि लगभग ढ़ाई एकड़ खेत को बैल चलित नांगर से जोताई करने पर कृषकों को लगभग 25 से 30 किलोमीटर चलना पड़ता है। जबकि यही कार्य टेªक्टर द्वारा कम समय एवं कम श्रम में जुताई हो जाती है। कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, रायपुर के डिपार्टमेन्ट ऑफ एग्रिकल्चर प्रोसेसिंग एण्ड फूड इंजिनियरिंग, डिपार्टमेन्ट ऑफ फॉर्म मशीनरी एण्ड पावर इंजिनियरिंग एवं डिपार्टमेन्ट ऑफ सॉईल एण्ड वाटर इंजिनियरिंग विभागों द्वारा ने मिल कर कार्य किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ए.के. दवे विभागाध्यक्ष द्वारा किया गया एवं कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद प्रस्ताव डॉ. एस. पटेल द्वारा किया गया।



(डाॅ. के.के. साहू)
सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी

विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक एवं विषय वस्तु विशेषज्ञों हेतु सहभागी प्रशिक्षण प्रबंधन कौशल विषय पर तीन-दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

DSCN5176


रायपुर। दिनांक 07.02.2017। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के निदेशालय विस्तार सेवायें, द्वारा दिनांक 2-4 फरवरी, 2017 तक निदेशालय विस्तार सेवायें, रायपुर के प्रशिक्षण कक्ष में तीन-दिवसीय कार्यशाला ‘‘सहभागी प्रशिक्षण प्रबंधन कौशल विकास’’ विषय पर आयोजित की गई। इस कार्यशाला का आयोजन एक्सटेन्शन एजुकेशन इंस्टीट्यूट, भारत सरकार, आनन्द, गुजरात एवं निदेशालय विस्तार सेवायें, इं.गां.कृ.वि., रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
इस कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर डॉ. के.एल. नन्देहा, प्रभारी निदेशक विस्तार ने कहा कि इस कार्यशाला में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को विभिन्न प्रशिक्षण कौशल विषय पर चर्चा की जायेगी, जिसका लाभ लेकर विषय वस्तु विशेषज्ञ एवं वैज्ञानिक किसानों के लिये प्रभावी रूप से प्रशिक्षण आयोजित कर सकेंगे। इस अवसर पर डॉ. सी.पी. देसाई, निदेशक, एक्सटेन्शन एजुकेशन इंस्टीट्यूट, आनन्द, गुजरात ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य प्रशिक्षण कार्यक्रम को आयोजित करने में विस्तार कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुये आवश्यकतानुसार प्रबंधन आवश्यक है, जिससे कृषकों के मध्य नवीन तकनीक को प्रसार करने में मदद मिल सकेगी। तीन- दिवसीय कार्यशाला में एक्सटेन्शन एजुकेशन इंस्टीट्यूट, आनन्द से पधारे निदेशक डॉ. सी.पी. देसाई, प्रोफेसर डॉ. जी.एम. पटेल, डॉ. ए.जी. सुखारिया ने सहभागी प्रशिक्षण प्रबंधन कौशल पर विभिन्न विषयों पर अपने व्याख्यान दिये एवं उन पर चर्चा की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों का पूर्व व बाद में प्रशिक्षण के प्रभाव का आंकलन किया गया।
कार्यशाला के समापन समारोह के अवसर पर निदेशक विस्तार डॉ. एम.पी. ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह कार्यशाला का आयोजन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों एवं विषय वस्तु विशेषज्ञों के लिये बहुत ही उपयोगी सिद्ध होगा, जिससे वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में विस्तार कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से कृषकों तक पहुँचाने में सफल होंगे क्योंकि नवीन वैज्ञानिक प्रौद्योगिकी का हस्तान्तरण प्रदेश के प्रत्येक कृषक तक होगा। इसके लिये हमें विस्तार की विभिन्न तकनीकों को अपनाकर कार्यक्रम आयोजित करने होंगे। कार्यशाला में कृषि विज्ञान केन्द्र एवं महाविद्यालय के वैज्ञानिक एवं कृषि विस्तार के विषय वस्तु विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस अवसर पर निदेशालय विस्तार सेवायें के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. के.के. श्रीवास्तव, डॉ. एस.एस. टुटेजा उपस्थित थे।


(डाॅ. के.के. साहू)
सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी

कृषि विज्ञान केन्द्र, कांकेर देश का सर्वश्रेष्ठ कृषि विज्ञान केन्द्र पुरस्कार 2016 से सम्मानित

DSCN5176


रायपुर। दिनांक 03.02.2017। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत संचालित छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल बस्तर संभाग में संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र, कांकेर को विगत चार साल में तीसरी बार राष्ट्रªीय स्तर का पुरस्कार मिल रहा है । महेन्द्रा संमृद्वि नई दिल्ली द्वारा सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय कृषि विज्ञान केन्द्र पुरस्कार कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर को यह पुरस्कार दिनांक 02 फरवरी 2016 को अशोका होटल, नई दिल्ली में श्री राधा मोहन सिंह, माननीय केन्द्रीय कृषि मंत्री एवं केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री द्वय श्री सुदर्शन भगत एवं पुरसोत्तम रूपाला द्वारा प्रदान किया गया।
डाॅं. एस.के. पाटिल, माननीय कुलपतिजी, डाॅं. बीरबल साहू, कार्यक्रम समन्वयक, डाॅ. अनुपम मिश्रा, निदेशक कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान जबलपुर एवं डाॅं. एम.पी. ठाकुर, निदेशक विस्तार सेवाएॅं, इंदिरा गाॅंधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा संयुक्त रूप से प्राप्त किया गया। पुरस्कार समारोह में श्री एस.के. पटनायक, आई.ए.एस., सचिव, कृषि भारत सरकार, नई दिल्ली, डाॅं. त्रिलोचन महापात्रा, महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली, श्री आनंद महिन्द्रा, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, महेन्द्रा गुप तथा कृषि से जुड़े ख्यातिलब्ध वैज्ञानिक तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। पुरस्कार के तहत कृषि विज्ञान केन्द्र, कांकेर को अधोसंरचना विकास के लिए ढ़ाई लाख रूपए तथा प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। जिला प्रशासन कांकेर के वित्तीय सहयोग से कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा आदिवासी आवासीय स्कूल में किचन गार्डन स्थापि करने हेतु प्रोजेक्ट दिया गया जिसका सफलता पूर्वक संचालन किया गया। इससे स्कूल के छात्र-छात्राओं को ताजी साग-सब्जी उपलब्ध हुआ इससे उन्हें आमदनी के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ। इस कार्यक्रम को अन्य जिलों में कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है।
कृषि विज्ञान केन्द्र, कांकेर छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर अंचल में कार्यशील है। यह अंचल मूलतः आदिम जनजातियों का क्षेत्र है। जो नक्सलवाद के कारण अशांत क्षेत्र के रूप में भी जाना जाता है। यहा के कृषक परम्परागत तरीके से कृषि करते हैं। केन्द्र, कांकेर जिले के कृषक समूह के बीच वर्ष 2008 से कार्य कर रहा है तथा अपनी सेवाओं के कारण कृषक समूहों के बीच चुका है। कृषि विज्ञान केन्द्र मुख्यतः लघु-सीमांत जनजातियों कृषकों के उन्नत बीज एवं नवीनतम कृषि तकनीक पहुंचाने के लिये सदैव तैयार है ।
कृषि विज्ञान केन्द्र, कांकेर द्वारा कांकेर जिले के लघु एवं सीमांत किसानों के लिए समन्वित कृषि प्रणाली का माॅडल तैयार किया गया है । इसके अलावा सामूहिक सब्जी उत्पादन एवं विपणन, कुक्कुट प्रजाति के ‘‘कड़कनाथ’’ मुर्गे के संरक्षण एवं उत्पादन, बकरी के उत्तम नस्ल ‘‘सिरोही’’ के संरक्षण, धान की कतार बोनी, पोषण वाटिका, कृषि आधारित स्वरोजगार स्थापित करने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण, किसानों की सहभागिता से बीज उत्पादन, दलहन और तिलहन फसलों के प्रोत्साहन तथा संस्थागत अभिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं ।
उल्लेखनीय है कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र, कांकेर के इन्ही उल्लेखनीय कार्यो के लिए केन्द्र को ‘‘अटल राष्ट्रीय कृषि विज्ञान प्रोत्साहन पुरस्कार 2016’’ एवं आई.सी.ए.आर. ‘‘बेस्ट जोनल अवार्ड 2012’’ से सम्मानित किया गया है । इसी प्रकार इंदिरा गाॅंधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर की ओर से वर्ष 2015 में कृषि विज्ञान केन्द्र, कांकेर को राज्य के सर्वश्रेष्ठ कृषि विज्ञान केन्द्र के पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। इस सफलता से विश्वविद्यालय परिवार हर्षित है तथा गौरवांवित हुआ है।

(डाॅ. के.के. साहू)
सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी

दुर्ग के कृषक श्री अशोक कुमार चंद्राकर को वेजीटेबल ग्रोवेर्स अवार्ड से सम्मानित

DSCN5176


रायपुर। दिनांक 01.02.2017। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के सब्जी विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक डॉ. धनंजय शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में पुन्नी बाड़ी लीला चौक, गुरदी पारची, सिरसाकला, भिलाई-3, जिला दुर्ग छ.ग. के किसान श्री अशोक चंद्राकर को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, जक्खिनी, शाहँशाहपुर, वाराणसी उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित नेशनल फॉरमर्स फेयर्स एण्ड वेजीटेबल शो केसिंग समारोह में उत्तम कार्य हेतु सब्जी उत्पादक दिनांक 27 जनवरी 2017 को सब्जी उत्पादकता के क्षेत्र में अवार्ड से सम्मानित किया।
सिरसाकला के सुखलाल चंद्राकर और उनका बेटा अशोक चंद्राकर 35 साल पहले अपना और अपने बच्चों का पेट पालने गांव के एक बड़े किसान के यहां नौकरी करते थे। सुखलाल खेतों में काम करते और अशोक उनके बच्चों को संभाला करता। लेकिन आज अशोक चार सौ लोगों को रोजगार दे रहा है। उनकी गिनती प्रदेश के बड़े किसानों में की जाती हैं आज वे 700 एकड़ में सब्जी की खेती करते हैं। मजदूर से बड़े किसान बनने के लिए संघर्ष की शुरूआत तब हुई जब वे महज चार साल के थे। वह अपने घर वालों के काम में हाथ बटाने लगा था। उसने 11 साल की उम्र में ही भिलाई 3 में सब्जी लाकर गांव-गांव घूमकर बेचना शुरू किया। उनके बाद अपनी पैतृक दो एकड़ जमीन पर ब्याज पर पैसे लेकर सब्जी लगानी शुरू की। वह खेत की सब्जी को बेचने के अलावा खेतों में भी अपने भाइयों और परिवार के साथ काम करता।
अशोक ने खेती के लिए लोन पर ट्रेक्टर लिया। रेग पर कुछ और खेत भी लिए। कुछ ही समय में उसने खेती का रकबा बढ़ा लिया। उसकी 35 साल की मेहनत रंग लाई है और आज उसके पास खुद के छह ट्रेक्टर, कल्टीवेटर के साथ अपनी खुद की 80 एकड़ जमीन है। उसके साथ ही रेग और ठेक पर 700 एकड़ जमीन लेकर वे सब्जी की खेती कर रहे हैं। उपकी प्रति वर्ष आय सब्जी से 2.10 करोड़ रूपये है। इसके अतिरिक्त 10 लाख रूपये धान से आय प्राप्त कर रहें हैं।
छत्तीसगढ़ के अलावा मैट्रो सिटी तक में जाती है सब्जी अशोक के खेत में पैदा होने वाली सब्जियों और टमाटर की सप्लाई केवल प्रदेश में ही नहीं हैदराबाद, दिल्ली, महाराष्ट्र भी भेजी जाती हैं। श्री अशोक चंद्राकर की इस सफलता हेतु डॉ. एस.के. पाटील, माननीय कुलपति इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर एवं डॉ. जे.एस. उरकुरकर, संचालक अनुसंधान तथा विश्वविद्यालय परिवार ने हार्दिक बधाई दी।



(डाॅ. के.के. साहू)
सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी

केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कृषि विज्ञान केन्द्र दुर्ग का उद्घाटन किया 12वीं पंचवर्षीय योजना में मुंगेली एवं बेमेतरा कृषि विज्ञान केन्द्र की स्वीकृति प्रदाय करनेकी घोषणा की

रायपुर। दिनांक 27.01.2017। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय कृषि मेला का आयोजन दिनांक 27 से 31 जनवरी 2017 तक कृषि महाविद्यालय, रायपुर के सामने ग्राम जोरा में आयोजित किया जा रहा है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत 20 कृषि विज्ञान केन्द्र संचालित किये जा रहे हैं। आज दिनांक 27 जनवरी 2017 को 21 वां कृषि विज्ञान केन्द्र दुर्ग का उद्घाटन माननीय श्री राधामोहन सिंह, केन्द्रीय कृषि मंत्री भारत सरकार के करकमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ डॉ. रमन सिंह, कृषि मंत्री माननीय श्री बृजमोहन अग्रवाल, श्री रमेश बैस माननीय सांसद लोकसभा क्षेत्र, रायपुर, श्री तोखन साहू, संसदीय सचिव कृषि, माननीय कुलपति डॉ. एस.के. पाटील, श्री अजय सिंह, अपर मुख्य सचिव कृषि एवं कृषि उत्पादन आयुक्त छत्तीसगढ़ शासन, डॉ. अनुपम मिश्रा, संचालक, आई.सी.ए.आर., अटारी, जबलपुर एवं डॉ. एम.पी. ठाकुर, निदेशक विस्तार सेवाएं एवं अन्य अतिथिगण उपस्थित रहे। माननीय केन्द्रीय कृषि मंत्री ने घोषणा की कि आने वाले समय में शीघ्र ही छत्तीसगढ़ के बचे शेष जिलों में कृषि विज्ञान केन्द्रों की स्थापना हेतु भारत सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान की जायेगी। माननीय कुलपति जी ने माननीय अतिथियों का इस अवसर आभार व्यक्त किया।

(डाॅ. के.के. साहू)
सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी

केन्द्रीय कृषि मंत्री ने भाटापारा में नवनिर्मित कृषि महाविद्यालय भवन एवं 100 सीटर कन्या छात्रावास का उद्घाटन किया

रायपुर। दिनांक 27.01.2017। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत संचालित दाऊ कल्याण सिंह कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, भाटापारा के नवनिर्मित महाविद्यालय भवन एवं बालिका छात्रावास का लोकार्पण माननीय केन्द्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री श्री राधामोहन सिंह जी के मुख्य आतिथ्य एवं श्री बृजमोहन अग्रवाल, माननीय कृषि मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन की अध्यक्षता में तथा श्री रमेश बैस, माननीय सांसद, श्री शिवरतन शर्मा, माननीय विधायक एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम, श्री अजय सिंह जी अपर मुख्य सचिव कृषि एवं कृषि उत्पादन आयुक्त, छ.ग. शासन, डॉ एस.के.पाटिल, माननीय कुलपति, इंदिरा गांधी कृषि वि.वि., रायपुर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम मार्कण्डेय, जनपद अध्यक्ष श्रीमती भारती वर्मा एवं नगर पालिका अध्यक्ष श्री मोहन वांधे तथा जिला पंचायत सभापति श्री अश्वनी शर्मा जी की विषिष्ट उपस्थिति में संपन्न हुआ।

केन्द्रीय कृषि मंत्री ने दानवीर दाऊ कल्याण सिंह जी की प्रतिमा का अनावरण किया एवं नवनिर्मित महाविद्यालय भवन एवं बालिका छात्रावास का लोकार्पण किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने 100 सीटर बालिका छात्रावास की घोषणा की गई । कार्यक्रम में अंचल के समस्त जनप्रतिनिधि, कृषकगण, छात्र-छात्राएं एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहे ।

(डाॅ. के.के. साहू)
सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी

कृषि महाविद्यालय, रायपुर प्रांगण में डॉ. (कर्नल) पाटील ने ध्वजारोहण किया विश्वविद्यालय के उत्कृष्ठ शिक्षकों को सम्मानित किया

रायपुर। दिनांक 27.01.2017। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के के कृषि महाविद्यालय, रायपुर प्रांगण में 68वां गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर 26 जनवरी 2017 को माननीय कुलपति डॉ. एस.के. पाटील ने ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के उच्चाधिकारी, अधिष्ठातागण, शिक्षक, कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। डॉ. पाटील ने उपलब्धियों के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की चहुमुखी विकास में आप सभी का समन्वय एवं सहयोग से ही संभव हो पाया है।
उत्कृष्ठ शिक्षकों का निम्नानुसा है:-
1. डॉ. जी.एल. शर्मा
2. डॉ. जी.के. श्रीवास्तव
3. डॉ. दीपक शर्मा
4. डॉ. माधव पाण्डेय
5. डॉ. अजय वर्मा

(डाॅ. के.के. साहू)
सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी

बस्तर के कृषक श्री राम लाल सेठिया को सर्वश्रेष्ठ कृषक अवार्ड से सम्मानित

रायपुर। दिनांक 25.01.2017। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अखील भारतीय समन्वित अनुसंधान ड्राई लैन्ड परियोजना जगदलपुर केन्द्र के वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में बस्तर के तोकापाल तहसील ग्राम टांडपाल के कृषक श्री राम लाल सेठिया वल्द सुडू राम सेठिया को डॉ. पंजाब राव कृषि विद्यापीठ, अकोला महाराष्ट्र में आयोजित 25 वीं सिलवर जुबली द्विवार्षिक कार्यशाला में सर्वश्रेष्ठ कृषक अवार्ड से दिनांक 21 जनवरी 2017 को सम्मानित किया गया।

उल्लेखनीय है कि श्री सेठिया के पास 5.3 एकड खेती है जिसमें मात्र 1 एकड सिंचित है। यह किसान धान, मक्का, उड़द की खरीफ मौसम में असिंचित खेती करता है। बाकी बचे 1 एकड सिंचित जमीन में खरीफ, रबी एवं गर्मी मौसम में सब्जी की खेती करता है। किसान द्वारा किसान खुला कुआं एवं नाला बंधान में एकत्रित सिंचाई जल को सब्जी उत्पादन में उपयोग किया जाता है। सिंचाई जल के बेहतर उपयोग हेतु गुरूत्वाकर्षण आधारित ड्रिप सिंचाई का उपयोग किया जाता है। किसान उन्नत कृषि तकनीक का उपयोग करते हुए खेती करता है तथा प्रति वर्ष 2.1 लाख रूपये शुद्ध आमदनी प्राप्त करता है। कृषकउ की सफलता हेतु डॉ. एस.के. पाटील, माननीय कुलपति इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर एवं डॉ. जे.एस. उरकुरकर, संचालक अनुसंधान तथा विश्वविद्यालय परिवार ने हार्दिक बधाई दी।

(डाॅ. के.के. साहू)
सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी

भारत सरकार के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ई-गवर्नेस पुरस्कार से विश्वविद्यालय का आई.जी.एम.आई.एस. सम्मानित

DSCN5176


रायपुर। दिनांक 10.01.2017। इंदिरा गॉधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर को शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थाओं के सर्वश्रेष्ठ ई-गवर्नेस मॉडल हेतु भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार आज दिनांक 10 जनवरी 2017 को प्रदान किया गया। भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग द्वारा डिजिटल इंडिया मुहिम के तहत ई-गवर्नेस के 20 मॉडल विभिन्न क्षेत्रों में चयनित किये गये। इसमें शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थानों में देश से केवल इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अभिनव एवं सघन प्रयास को चिन्हित किया गया तथा विश्वविद्यालय के आई.जी.एम.आई.एस. को ई-गवर्नेस के राष्ट्रीय स्तर पर सिल्वर अवार्ड से पुरस्कृत किया गया। यह पुरस्कार डिजिटल इंडिया मुहिम के तहत विभिन्न संस्थाओं के उनकी अद्वितीय योजनाओं का लाभ नागरिकों को पहॅुचाने हेतु प्रदान किया जाता है। यह अवार्ड विशाखापटनम (आन्ध्र प्रदेश) में आयोजित 20 वें नेशनल कान्फ्रेंस ऑन ई-गर्वनेंस सेमीनार में माननीय केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री पी.पी. चौधरी, इलेक्ट्रानिक्स एवं इनफारमेसन प्रौद्योगिकी, भारत सरकार द्वारा दिनांक 10 जनवरी 2017 को प्रदान किया गया।

इस आई.जी.एम.आई.एस. का विकास एन.आई.सी. के सहयोग से विश्वविद्यालय में किया गया है एवं कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.के. पाटील ई-गर्वनेस के नोडल आफीसर डॉ. आर.आर. सक्सेना, एवं एन.आई.सी. के श्री अशोक बंजारे, तकनीकी निदेशक एवं श्री अभिजीत कौशिक, साइंटिस्ट ’’बी’’ द्वारा यह पुरस्कार प्राप्त किया गया।

इंदिरा गॉधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के माननीय कुलपति डॉ. एस.के. पाटील के कुशल नेतृत्व एवं दुरगामी दृष्टि के फलस्वरूप कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं विस्तार के कार्यो का डिजिटलीकरण कर छात्रों हेतु उपयोगी सूचनाओं को पहॅुचाने, समय पर प्रवेश, मूल्यांकन, परिणाम एवं उपाधियॉ प्रदान करने एक डिजिटल प्लेटफार्म तैयार कर विभिन्न ’’एप्स’’ विकसित किये गये जिनके माध्यम से छात्रों के जीवन-चक्र का नियमन संभव हुआ। इसी प्रकार प्रशासन से संबंधित समस्त कार्यो यथा अनुसंधान, विस्तार, वित्त एवं सामान्य प्रशासन को भी डिजिटली व्यवस्थित किया गया। कृषकों को अनुसंधान परिणामों की त्वरित एवं अधिक सक्षम रूप से पहुॅचाने हेतु भी विभिन्न प्रकार के ’’एप’’ विकसित किये गये। विश्वविद्यालय द्वारा इस दिसा में सतत् प्रगति जारी है।

इस संपूर्ण व्यवस्था को आई.जी.एम.आई.एस. का नाम दिया गया है। इस पुरूस्कार हेतु भारत सरकार के टीम द्वारा तीन चरणों में इवेल्युवेशन किया गया। जिसमें स्थल निरीक्षण भी शामिल है। तत्पश्चात भारत सरकार ने सर्वश्रेष्ठ शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान का यह अवार्ड विश्वविद्यालय को प्रदान किया है।


(डाॅ. के.के. साहू)
सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी